कुलाधिपति सुकेश यादव और कुलसचिव वंदन मिश्र की गिरफ्तारी भी हो चुकी है.
मिट्टी के बर्तन में जौ के बीज बोएं और नवमी तक प्रति दिन पानी का छिड़काव करें।
नोट : उपरोक्त में से किसी एक मंत्र का ही प्रयोग करें।
तांत्रिक अनुष्ठान: इस समय में विशेष तांत्रिक अनुष्ठानों का महत्व होता है। यह अनुष्ठान केवल योग्य गुरु के मार्गदर्शन में करें।
यह पूरे विश्व में लोगों के लिए नुकसान देने वाला हो सकता है. भगवती की विदाई मुर्गे पर होगी, जो भी अच्छा नहीं माना जाता. यह लड़ाई और डर पैदा करने वाला संकेत देता है.
व्रत और नियम: गुप्त नवरात्रि में व्रत रखना अत्यधिक फलदायी होता है।
मातंगी : श्री ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा:।
घट (कलश) स्थापना नवरात्रि पूजा का प्रथम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यह शुभता, ऊर्जा, और देवी दुर्गा की उपस्थिति का प्रतीक है।
दुर्गा सप्तशती, देवी स्तोत्र या महालक्ष्मी मंत्र का पाठ करें।
इसमें पहले कलश को गंगा जल से भरें, उसके मुख पर आम की पत्तियां लगाएं और उस पर नारियल रखें।
* जीवनसाथी या किसी खास मित्र से संबंधों में आ रहे तनाव को दूर करती हैं।
घट स्थापना करें: मिट्टी के पात्र में जौ (जवारे) बोएं।
इस check here दौरान कलश स्थापना करना शुभ रहेगा. आप पहले से तैयारी कर लें और शुभ मुहूर्त के अंदर ही कलश स्थापना कर लें.
कलश में गंगाजल भरें और उसमें थोड़ा सा गंगाजल, चंदन, और दूर्वा डालें।
यह समय साधक को आत्म-चिंतन और आत्म-साक्षात्कार का अवसर देता है। ध्यान और तपस्या के माध्यम से व्यक्ति अपनी आध्यात्मिक उन्नति कर सकता है।